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Poems

 बेख़बर थे हम इस खबर से

 

बेख़बर थे हम इस खबर से

कि तुमने ये खबर फैलाई

कि हो गई हमारी जुदाई,

खुद ही आकर कह गए होते

तो शायद हम से गए होते ,

तन्हाई तो फिर भी करीब होती

पर शायद तुमसे आख़िरी मुलाकात नसीब होती.........