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Poems

 सलामत रहे दोस्ती हम सब की कुछ इस तरह.....

 

सलामत रहे दोस्ती हम सब की
कुछ इस तरह......
खुशी हो तो मनाए साथ,
गम हो तो भड़ाए हाथ..
खुदा भी डाले नज़र, गर हमारी दोस्ती पर
तो कहे वाह क्या है बात
दिल खुश हुआ रच कर ये कायानात .....