Phone: +91-9811-241-772

Poems

 मुक्कदर से पूछ बैठते हैं हम

 

मुक्कदर से पूछ बैठते हैं हम

कि तू हमे इतने तज़ुर्बे क्यों देता है

कभी धूप में जलने छोड़ देता है

कभी खुद ही हमारे कदमों को ग़लत रास्तों सेमोड़ देता है

तेरा शुक्रिया केरू

या तुझे सलाम

समझ नही पाता,

बस जब भी मुड़ कर देखता हूँ

मेरा सिर तेरे सजदे में झुक जाता..........