Phone: +91-9811-241-772

Poems

 एक था समुंदर एक परिंदा

 

एक था समुंदर

एक परिंदा

एक था इंसान

जो था ज़िंदा

जैसे ही खुद से पियार हुआ

बाकियो से व्यापार हुआ