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Poems

 आवाज़ दी तो पहचाना नहीं

 

आवाज़ दी तो पहचाना नहीं

हम चुप रहे तो इशारे करती हो

फिर करीब आते तुम्हारे

तो कटी कटी रहती

दूर चले जाएँ तो साँसे भारती हो,

इन अदाओं से मैं वाकिफ़ नहीं...

पियार पहला और आख़िरी भी तुम्ही

रास्ता अब तुम ही दिखा दो

कैसे इस मूहोब्बत को मुकाम दें

ज़रा मुझे सिखा दो…..