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Poems

 उनका चेहरा पढ़ने की कोशिश कर रहा था

 

उनका चेहरा पढ़ने की कोशिश कर रहा था

उनकी कतराती हसीं के पीछे..... छिपी कहानी को गढ़ रहा था,

उनके काजल का रंग भी आज रंग फीका था

जिसे देख मैं जीता था,

गालो पर थी थोड़ी लाली

पर कानो में नही थी वो बाली,

जिसे ज़ुल्फोन में घुमा मैं छेड़ता था........