Phone: +91-9811-241-772

Poems

 इजाज़त नही दूँगी तुम्हें अब दिन में मिलने आने की

 

इजाज़त नही दूँगी तुम्हें 
अब दिन में मिलने आने की
सपनों .........
मुझसे मिलने सिर्फ़ नींद में आया करो
मैने खुद से लड़ना सीख लिया है
मैं कमज़ोर नही हूँ
सिर्फ़ मजबूर हूँ
शायद इसमें ही कोई भलाई छुपी हो
जो मुझे अब तक ना दिखी हो.....