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Poems

 मुझे खुद से मिलवाने के लिया तेरा शुक्रिया

 

मुझे खुद से मिलवाने के लिया तेरा शुक्रिया
किस तरह अदा कारू
मैं तो अधूरी जी रही थी
सपनो को सिर्फ़ सी रही थी
तुमने उनमें पंख लगा दिए
मैनें सिर्फ़ सपने सजाए थे
तुमने उन्हें आसमान छुआ दिए...