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Poems

 तक़लीफ़ होती है तुझे ऐसे देख,

 

तक़लीफ़ होती है

तुझे ऐसे देख,

ऐसी कौनसी आग है

जिसमे रही है खुद को सेक,

एक बार कह

ऐसे मत सह,

यकीन कर .....

मैं तेरे निगलते आँसुओं को पीना चाहता हूँ

मैं सिर्फ तेरे साथ जीना चाहता हूँ.........