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Poems

 एक भारत श्रेष्ट भारत

 

एक भारत श्रेष्ट भारत

देश नहीं मिटने देंगें

देश नहीं झुकने देंगें ,

हमारा भारत महान

केरेगा उत्थान ,

जिसके लिए हम सब मिलकर करेंगें काम

बनाएँगे नई पहचान ,

ह्म देश के नागरिक नहीं

देश के सेवक हैं,

अंधेरे मैं उम्मीद नहीं

अंधेरे मैं दीपक हैं,

आज यहाँ आप सब के समक्ष

अपना विश्वास देने और आपका लेने आया हूँ,

क्युकि हम ही कल का गौरव हैं

जिनके हाथों मैं देश की शौहरत हैं,

इसलिए दोस्तों

बच्चे हो या युवा

मुझे आप सब का साथ चाहिए

देश मैं बदलाव चाहिए ,

नारी का सम्मान और सज्जन की ज़ुबान चाहिए,

देश का हर नागरिक बलवान चाहिए

अब मौहलत मैं दूँगा नहीं

मुझे केवल इंसाफ़ चाहिए

मैं आपसे पूछ नही रहा

मुझे केवल जवाब चाहिए,

क्युकि मिल जाएँ हम

हॉंसले बन जाएँ  बुलंध,

फिर ज़ालिमों से जुर्म का हिसाब चाहिए

हर हाल मैं सच ये खुवाब चाहिए

हर हाल मैं देश मैं बदलाव चाहिए...

धन्यवाद