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Poems

 ज़िंदगी उलझ गई तो क्या हुआ

 

ज़िंदगी उलझ गई

तो क्या हुआ

हिम्मत है तुम्हारे पास,

ज़िंदगी टूट गई

तो क्या हुआ

साँसे अभी हैं तुम्हारे पास,

ज़िंदगी बिखर गई

तो क्या हुआ

धरती, समय और आकाश

फिर भी देंगे साथ,

ज़िंदगी सिर्फ़ तुम्हारी सोच पर निर्भर करती है वो फिर दौड़े गी

बस हर हाल में रखो खुद पर विश्वास......