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Poems

 पत्थरों से बात की तो उनके मॅन की बात समझ आई थी

 

पत्थरों से बात की

तो उनके मॅन की बात समझ आई थी

वो मारना नही चाहते थे हमे

बस तेज़ हवा के कारण

हमें चोट पहुँचाई थी,

 वो कहते हैं

धूप में रह कर

पैरो तले रुंध कर

हमने पत्थरों की जात बनाई थी,

वरना हम भी मिट्टी ही थे जनाब

बस हमने भी करमो की चोट खाई थी.............