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Poems

 अब तो मान जाओ सच्चाई से आँखें मत चुराओ

 

अब तो मान जाओ

सच्चाई से आँखें मत चुराओ

 सावन भी अब मुरझा गया है

क्योकि उसमे झूमते पक्षी

मर रहे हैं ..........

और मनुष्य वातावरण को नष्ट करने में

आगे बढ़ रहे हैं..............