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Poems

 तन्हाइयों का भंवर आज घेर रहा है

 

तन्हाइयों का भंवर

आज घेर रहा है

कोई अपना मुझे

ढेर कर रहा है

 यकींन नही हो रहा

खुद को

उसको क्या यकींन दिलाउँ

खून का रिश्ता है

वो भूल गया

मैं केसे भूल जाउँ......