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Poems

 ग़लत समझ बैठे थे कुछ अपने हमें

 

ग़लत समझ बैठे थे

कुछ अपने हमें 

पर हमने भी ठान ली थी

सफाई नही देंगे

वक़्त ने साथ दिया

तो वक़्त के साथ

 फिर अपना बना कर ही दम लेंगे