Phone: +91-9811-241-772

Poems

 कहा था तुमसे कि बहोत पियर करती हूँ

 

कहा था तुमसे कि बहोत पियर करती हूँ
बस बार बार ज़ुबा पर लाने से डरती हूँ
मनती हू इकरार भी सरे आम नही करती हूँ,
पर क्या केरू दिवानी हू तुम्हारी इस कदर,
कि इस तरह तुम पर पड़ने वाली हर नज़र पर नज़र गड़ाए रखती हूँ..
क्युकि खुदा से भी ज़यादा तुमसे पियर करती हूँ...और लोगो से नही ..उनकी की नज़र से डरती हूँ....