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Poems

 यूँ ही नही हम खुवाबों से मिल पाते हैं दोस्तों

 

यूँ ही नही हम खुवाबों से मिल पाते हैं दोस्तों

ये आपका प्यार ही है जो हम

आसमाँ छू पाते हैं...........

वहाँ हम टीके ना टीके हमें परवाह नही

खुशी इस बात की है

की हम कहीं भी हों

खुद को अपनों के साथ ही पाते हैं........