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Poems

 ज़िंदगी को जेसे देखो गे

 

ज़िंदगी को जेसे देखो गे

वेसी ही दिख जाएगी,

तुम किसी को सताओगे

तो क्या सोचते हो

तुम्हें बक्ष जाएगी.........

लगी आग आज उधर

तो कल इधर भी आ जाएगी,

ये मौसम की तरह रुख़ बदल देती है

तुम नही रोकोगे तो

तुम पर भी एक दिन गिर जाएगी

ज़िंदगी को जेसे देखो गे

वेसी ही दिख जाएगी