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Poems

 मन की खुशी का ठिकाना नही पिता से बड़ा आशियाना नही,

 

मन की खुशी का ठिकाना नही

पिता से बड़ा आशियाना नही,

चाहे मिल जाए जहाँ

माँ की कमी

कोई पूरी कर सकता नही ,

भाई , बहन का सत्कार करे

इससे बड़ा प्यार का व्यवहार नही,

मायके के आँगन में

बेटी को दुलार मिले ,

बेटी के लए इससे बड़ा कोई उपहार नही