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Poems

 एक पैगाम देश वासियों के नाम

 

एक पैगाम

देश वासियों के नाम

जब हम तिरंगा ओढ़ गहरी नींद सो जाते है

हज़ारों दिए जलाए जाते है

जीते जी सैनिक से मिलें ना मिलें

पर देशवासी हमारी तस्वीरों से मिलनेज़रूर आते है

एक पैगाम भेज रहें है आज

भरे जसबातों से के साथ

कि हे भारत के निवासी

बदले में हज़ारों दियों के...... बस चाहते हैं हम एक साथी

जो हम में वो दम भर दे

कि जब शहीद हो जाएँ हम ,सीमा की रक्षा करते हुए

तो वो एलाने जंग कर दे

जय हिंद