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Poems

 खुशी की तलाश में

 

खुशी की तलाश में
घूमा गली गली
एक दिन थक कर बैठ गया
सवाल के जवाब में ऐंठ गया,

खुशी मुझे देख हस्ती रही

बोली
जिस सवाल में आज तक तेरी ज़िंदगी बस्ती रही
उससे मन को हटा लें
जो है उमे खुद को रामा लें,

हर्ष उल्लास हो

सोलह शृंगार से सज़ा

हर ग्रहणी का ताज हो ,

 शिव की आराधना हो

पार्वती की उपासना हो,

बड़ों का आशीर्वाद हो

दिलों में प्रेम भाव हो

 तीज की शुभ कामनाएँ