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Poems

 महोब्बत नशा तेरा इस कदर चॅड गया

 

महोब्बत

 नशा तेरा इस कदर चॅड गया

गुलाब की खुश्बू

और रंग ,

दोनो ही फीका पढ़ गया,

 मेरे सनम तुझे एहसास नही

तू मेरी कमज़ोरी बन चुकी

मेरी ज़िंदगी तेरी महोब्बत के आगे

थम चुकी,

 रूह तुझमे इस तरह

रम गई

तेरी साँसों के औरे में

मेरी साँसे बँध गई...........