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Poems

 ग़लत फैमियों का असर इतना गहरा पड़ा

 

ग़लत फैमियों का असर इतना गहरा पड़ा

आज सूरज को भी देखती हूँ तो लगता है

ये भी किसी…… स्वार्थ के कारण है खड़ा...................