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Poems

 रगो में खून दौड़ता है

 

रगो में खून दौड़ता है
हमारे भी उनके भी]
फिर क्यों है हम भिन्न
क्यों बदल गए हमारे पद चिन्ह]
ये बदलाव केसे है] क्यों हैं
जहाँ सूरज चाँद धरती आसमान
कभी नहीं बदले
केवल बदला है इन्सान
आखिर क्यों?