Phone: +91-9811-241-772

Poems

 आज एक अजीब सी कश्मक्श मे है दिल फसा हुआ,

 

आज एक अजीब सी कश्मक्श मे है दिल फसा हुआ,
आगे कदम रखा तो एक नया सवाल इंतज़ार मे था जना हुआ,
कुछ समझ नही पाई , केसी थी उलझन और उसमे क्या था बुना हुआ,
नाकाम हुई सभी कोशिशे तभ समझी हर काँटे जो रस्तो पर बिछे थे,
उनमे मेरा ही कर्म था सना हुआ.......