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Poems

 ज़माना सोचता है

 

ज़माना सोचता है

अब ठहर जाएगी ज़िंदगी हमारी

क्योंकि उन्होने हमारे दरवाज़े पर ताला लगा दिया

पर वो नादान

हमारी राहों से परेशान

क्या जाने

कदमों से तो हम दुनिया

के लिए चलते हैं,

कलम ने बहुत पहले ही हमें

दिल से चलना सिखा दिया ........