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Poems

 कैसे कहूँ मन की बात

 

कैसे कहूँ मन की बात

हालत रोक रहें है,

आज आँखें ही पढ़ लेना दोस्तों,

जज़्बातों से गुफ्तगू कभी और कर लेंगे,

आज इन आँखों के सैलाब की बारी है

जिनकी तुम्हारे कंधों से यारी है.............