Hindi

27
Mar

लोग कहते है रोशनी से उजाला होता है

लोग कहते है रोशनी से उजाला होता है , हम कहते हैं जहाँ आप आ जाओ , वहाँ अंधेरे में आफताब खुद रोशिनी के साथ होता है ……………..

27
Mar

क्या खूब कहा है किसी ने कि तू मेरे लिए मुझसे नही

क्या खूब कहा है किसी ने कि तू मेरे लिए मुझसे नही तू खुद के लिए मुझसे प्रेम करता है, जिन साँसों को तू मेरे नाम कर देने का दावा करता है , वो भी तू खुद के लिए ही भरता है ………….

27
Mar

मेरे सपनो को वो पर लगाती  संग अपने वो मुझे मेरे सपनो से मिलवाती

मेरे सपनो को वो पर लगाती संग अपने वो मुझे मेरे सपनो से मिलवाती मेरी बातों को वो इशारे से समझ जाती कभी कभी तो वो मुझे – मुझसे ही मिलवाती बेटियों से जीवन की हर काली खिल जाती ये बेटियाँ नसीब वालों को ही मिल पाती…. सारे जहाँ की खुशियाँ वो अपने स्नेह से दे जाती माँ होने का

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27
Mar

मुस्कुराता हुआ चेहरा देख मैं उसके करीब जैसे – जैसे चलता चला गया

मुस्कुराता हुआ चेहरा देख मैं उसके करीब जैसे – जैसे चलता चला गया, उसके गालों के मोती की चमक का राज़ आँखों से छलकता हुआ दिखता चला गया , खामोशी उसकी कहानी कह रही थी उसके करीब जा कर एहसास हुआ वो कितना कुछ सह रही थी …..

27
Mar

मैं फिर भी अकेला हूँ कलयुग में जी रहा हूँ

मैं फिर भी अकेला हूँ कलयुग में जी रहा हूँ मीलों लंबे रास्ते नाप रहा हूँ जो मिलता है उसके दिल में झाँक रहा हूँ मैं फिर भी अकेला हौं ……….. भीड़ का हिस्सा हूँ कई ज़ुबानों का किस्सा हूँ साथ है मेरे ……मेरे ही फ़ैसले , फिर भी जाने क्यों पिसता हूँ मैं अकेला हूँ, हिम्मत भी है निडर

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27
Mar

खुद से महोब्बत करना सीख लिया हमने अब धोका खाने के डर से आज़ाद हैं

खुद से महोब्बत करना सीख लिया हमने अब धोका खाने के डर से आज़ाद हैं अब वक़्त और हालात सब अपने है मान लो तो हक़ीक़त वरना सब सपने है फ़र्क सिर्फ़ इतना है ……………. तब खुशियों के हम गुलाम थे अब मलिक है हम हमारे ही घुनेगर हैं हम हमारे ही ग़ालिब है …………

27
Mar

नसीब से खिले थे हम नसीब में थे कुछ गम

नसीब से खिले थे हम नसीब में थे कुछ गम, नसीब में थे सुख नसीब में था कुछ कम ….. सिर्फ़ देखने का नज़रिया बदला था हमारे कर्मों का ही सारा घपला था………….

27
Mar

युहीन नही महोब्बत में उनकी हम डूब जाया करते हैं

युहीन नही महोब्बत में उनकी हम डूब जाया करते हैं क्या कहे…… जब जब वो देखते हमारी ओर हम जी जाया करते हैं जिन महफ़िलों में उनका ज़िक्र हो हम खुद को वहाँ महफूज़ पाया करते हैं , क्या कहे…… उनका हाथ हो हाथ में हमारे तो हम खुदा से मिल आया करते हैं …..

27
Mar

शक्ति खुद की जब पहचानी

शक्ति खुद की जब पहचानी विश्वास मिला ज़िंदगी ख़ास है एहसास मिला …….  

27
Mar

तेरी बेरूख़ी से भी क्या खूब सीखा हमने

तेरी बेरूख़ी से भी क्या खूब सीखा हमने कि गम के छू लेने से हम कमज़ोर पढ़ जाते थे आज मुस्कुरकर गले लगाते हैं , तू भले ही हमें याद करे या ना करे हम तुझे गुरु मान इज़्ज़त से याद कर पाते है ……………