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27
Mar

मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इंक़लाब लिख जाता हूँ

मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इंक़लाब लिख जाता हूँ मैं पहनूं कोई भी रंग एहसास तिरंगे का ही पाता हूँ कदम रख खड़ा जिस मात्र भूमि पर , उसके खिलाफ हर षधियंत्र को तोड़ देना चाहता हूँ , जसबातों को मेरे- मैं हर भारत-वासी में देखना चाहता हूँ, मर गया हूँ मैं …..तुम्हारे लिए परमैंमिटा नही हूँ , मैं

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27
Mar

पहले सागर की हर बूँद में खुद को ढूंढता था जबसे खुद पर यकीन हुआ

पहले सागर की हर बूँद में खुद को ढूंढता था जबसे खुद पर यकीन हुआ हर बूँद में खुद की पहचान पाता हूँ पहले कोने कोने में खुद के अक्स को देखने को तरसता था अब हर कोने में खुद को देख इतरता हूँ, बस ………………ज़रा सी सोच क्या पलटी लगा सूखे कुएँ में भी रब की मेहर छलकी …………

27
Mar

जिसको जो जब मन में आए कह देता है मैं दर्द दिखता नही हूँ

जिसको जो जब मन में आए कह देता है मैं दर्द दिखता नही हूँ इसका ये मतलब नहीं कि मुझे दर्द नही होता…… या मैं इंसान नहीं हूँ एक बार समझा दो भाई मैं भगवान नहीं हूँ ……………. शुक्रिया

27
Mar

माँ सदैव ही घर में विराजमान है

माँ सदैव ही घर में विराजमान है निरंतर प्रेम, आशीर्वाद, के साथ हमारे लिए माँ -बहन के रूप में मिली वरदान है , फ़र्क बस इतना है कि हम पूजा पत्थर की मूर्ति की करना चाहते हैं उसकी नही जो साक्षात्कार है आस्था पत्थर में रख करखुश हैं उसमें नहींजिसके लिए हम ही संसार हैं ….. प्रार्थना करते हैं मूर्ति

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27
Mar

वक़्त हल्का है रिश्ते नहीं

वक़्त हल्का है रिश्ते नहीं, वो मुस्कुराता हुआ वक़्त ना रहा तो ये इम्तिहान का वक़्त भी ज़यादा टीकेगा नहीं, तुम हम कुछ भी सोचें रिश्तें वक़्त पर भारी ही पड़ेंगे वो मुस्कुराता हुआ वक़्त लौट कर आएगा जहाँ हम तुम फिर साथ ही चलेंगे …………

27
Mar

रूह ने रूह का स्वागत किया जैसे ही मन ने उसको पुकारा पिया

रूह ने रूह का स्वागत किया जैसे ही मन ने उसको पुकारा पिया , साँसों की तरंगे उफान पर चॅढी आज खुवाहिशे आसमान की ओर बढ़ी , लगा वक़्त आज मेरे हाथ में है क्योंकि वो मेरे साथ में है , ज़िंदगी मुझसे खुश थी या मैं ज़िंदगी से……………… ये नही पता ……. जहाँ भी देख रही थी दिख रहा

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27
Mar

हम तो महोब्बत में उनकी कुछ इस तरह लुट गए हैं

हम तो महोब्बत में उनकी कुछ इस तरह लुट गए हैं कोई पता पूछे हमारा तो नाम उनका ही निकलता हैं कोई हाल पूछे हमारा तो तस्वीर उनकी दिखा देते हैं, कोई बात करना चाहे तो अफ़साने उनके सुना देते हैं, अब कोई पागल समझे या दीवाना……. फरक पड़ता नहीं बस नज़र उनकी हम पर टिकी रहे वरना दिल ये

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27
Mar

कहीं कुछ है कहीं और कुछ है

कहीं कुछ है कहीं और कुछ है, कुछ ना कुछ हर कहीं हैं………….. बस नज़ारिया चाहिए जो जहाँ देखना चाहोगे वो वहीं है…………..

27
Mar

बदलते दौर में बदलाव आते हैं पर रिश्ते क्यों झूट जातें हैं ,

बदलते दौर में बदलाव आते हैं पर रिश्ते क्यों झूट जातें हैं , माँ बाप को नए तरीके सिखाए जातें हैं एकेले जीने को मजबूर बनाए जातें हैं ………………… sonalinirmit.com

27
Mar

मुस्कुराहट ला पता है अब मुझसे खफा- खफा है

मुस्कुराहट ला पता है अब मुझसे खफा- खफा है, मैं जनता हूँ क्यों क्योंकि जब वो मेरे इर्द गिर्द घूमती थी तब मैने उससे नही अपनाया ….. आज जब मैने उसकी अहमियद जानी तो उसने मुझे नही अपनाया ……… \दोस्तों अनुभव कहता है चेहरे पर मुस्कुराहट हर हाल में सजाए रखना मैने इसकी ताक़त से जलने वालों को गिरते देखा

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