July 2016

28
Jul

शब्द शब्द सुना जाए हर कोई

शब्द शब्द सुना जाए हर कोई
बात की गहराई समझे ना कोई,

28
Jul

उनका चेहरा पढ़ने की कोशिश कर रहा था

उनका चेहरा पढ़ने की कोशिश कर रहा था
उनकी कतराती हसीं के पीछे….. छिपी कहानी को गढ़ रहा था,

28
Jul

परवाह करके बेपरवाह क्यूँ छोड़ जाते हो

परवाह करके बेपरवाह क्यूँ छोड़ जाते हो
समुंदर के किनारे बिठा कर

28
Jul

अजीब सी है उलझन

अजीब सी है उलझन
धुंधला सा दिखता…. आज दर्पण,

28
Jul

बात सिर्फ़ समझने की है

बात सिर्फ़ समझने की है
चाहे प्रकृति से या खिलोने से

28
Jul

इजाज़त नही दूँगी तुम्हें

इजाज़त नही दूँगी तुम्हें
अब दिन में मिलने आने की

28
Jul

ये केसा मोह का दल दल है

ये केसा मोह का दल दल है
जिसमें कोई संतुष्ट नहीं,

28
Jul

ख्वाहिशे बेकसूर हैं

ख्वाहिशे बेकसूर हैं
उन्हें नही पता

28
Jul

चुप रहने का ये मतलब नही कि मैं तुम्हें चाहता नहीं

चुप रहने का ये मतलब नही कि मैं तुम्हें चाहता नहीं
चुप रहने का ये भी मतलब है कि मैं तुम्हें इतना चाहता हूँ

28
Jul

सवाल करते रिश्ते

सवाल करते रिश्ते
की क्या ज़रुरूई है?