वक़्त हल्का है रिश्ते नहीं

वक़्त हल्का है

रिश्ते नहीं,

वो मुस्कुराता हुआ वक़्त ना रहा

तो ये इम्तिहान का वक़्त भी ज़यादा टीकेगा नहीं,

तुम हम कुछ भी सोचें

रिश्तें वक़्त पर भारी ही पड़ेंगे

वो मुस्कुराता हुआ वक़्त लौट कर आएगा

जहाँ हम तुम फिर साथ ही चलेंगे …………

Comments are closed.