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Sonali singhal

A Dedicated Mother a Passioate Hindi Creative Writer, Fond of Writing Poetry, Play's, Songs and Short Scripts. Producer/Director of Short Film Consultant for Children (Art and Cultural Activities)

  • कब्र ताक में बैठी थी हमसे मिलने की आरज़ू लिए

    कब्र ताक में बैठी थी

    हमसे मिलने की आरज़ू लिए

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    1
  • भाव हैं भाषा है, सेवा है संस्कार है,

    भाव हैं

    भाषा है,

    सेवा है

    संस्कार है,

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    2
  • रज़ा में उसकी एक अदा है वो जब जो देता है

    रज़ा में उसकी एक अदा है

    वो जब जो देता है

    उस ही में मज़ा है

    जन्मअष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाएँ

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    3
  • उसकी शक्सियत का लिबास फीका था पर वो मेरे लिए ही जीता था

    उसकी शक्सियत का लिबास फीका था

    पर वो मेरे लिए ही जीता था

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    4
  • दर्द नही आँखों में दास्तान है

    दर्द नही आँखों में

    दास्तान है

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    5
  • माँ के आँसुओं से आवाज़ आई जिसके लिए मैं सारी दुनिया से लड़ी

    माँ के आँसुओं से आवाज़ आई

    जिसके लिए मैं सारी दुनिया से लड़ी

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    6
  • स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएँ आओ देश की वीरों को याद कर

    स्वतंत्रता दिवस की शुभ कामनाएँ 
    आओ देश की वीरों को याद कर

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    7
  • ज़िंदगी उलझ गई तो क्या हुआ

    ज़िंदगी उलझ गई

    तो क्या हुआ

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    8
  • माँ आँसुओं की आवाज़ सुन लेती थी

    माँ

    आँसुओं की आवाज़ सुन लेती थी

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    9
  • मुझे जाना है उस डगर जिसका पता नही.......

    मुझे जाना है उस डगर

    जिसका पता नही.......

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    10
  • गिर गया तो संभाल लेते हैं फँस जाउँ निकाल देते हैं,

    गिर गया तो संभाल लेते हैं

    फँस जाउँ निकाल देते हैं,

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    11
  • कुछ बातों के भवर में मैं धंस गया था

    कुछ बातों के भवर में मैं धंस गया था

    इसलिए रास्तों पर फँस गया था

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